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राष्ट्रीय
जमीनी स्तर पर बाल-संरक्षा कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान क्षेत्रीय तथा राज्य स्तर पर कार्यरत विभिन्न सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम करता है। प्रशिक्षा तथा संवेदीकरण के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान द्वारा प्रदान की जाती है तथा कार्यक्रमों का आयोजन इसके बाल संरक्षा संभाग की देखभाल में किया जाता है। (बाल संरक्षा कार्यक्रमों में सहयोगी)।
आंतॅराष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्रसंघ का बालकोष (यूनीसेफ): जरूरतमंद बच्चों की देखभाल और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय यूनीसेफ के भारत स्थित कार्यालय के साथ मिलकर बच्चों के लिए गैर-संस्थागत सेवाओं के लिए कार्य करता है। इसके अंतर्गत पालन पोषण संबंधी सेवाएं, घरेलू कामकाज में लगे बच्चे तथा संरक्षा एवं देखभाल के जरूरतमंद बच्चों के लिए काम किया जाता है ( जिसमें एचआइवीएड्स से प्रभावित और संक्रमितबच्चे तथा मादक द्रव्यों के दुरूपयोग से प्रभावित बच्चे भी शामिल हैं)। हर साल मंत्रालय तथा यूनीसेफ साथ मिलकर एक साझी कार्ययोजना बनाते हैं और उसे लागू करते हैं। इस कार्ययोजना के अंतर्गत अनेक गतिविधियों को राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान के द्वारा क्रियान्वित किया जाता है। इस कार्यक्रम में यूनीसेफ की ओर से तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए एक सलाहकार की सेवाएं दी जाती हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय एवं यूनीसेफ की 2005 की कार्ययोके अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियों के लिए समाज रक्षा संस्थान का बाल संरक्षा संभाग सहायता और सहयोग प्रदान कर रहा है-
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समाज रक्षा संस्थान के अंदर बाल संरक्षा के मुद्दे पर संसाधन श्रोत बनाकर आंकड़ों का प्रबंधन |
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सलाहसेवा संबंधी प्रशिक्षण मैनुअल बनाकर सलाहसेवा देनेवाले व्यक्तियों की क्षमता का विकास |
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देखभाल और संरक्षा के जरूरतमंद बच्चों के लिए एक वेबसाइट का निर्माण |
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संरक्षा एवं देखभाल के जरूरतमंद बच्चों के लिए ( जिसमें एच.आइ.वी.एड्स से प्रभावित और संक्रमित बच्चे तथा मादक द्रव्यों के दुरूपयोग से प्रभावित बच्चे भी शामिल हैं) उपलब्ध कार्यक्रमों और सेवाओं का आकलन |
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