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क्रिया कला

बाल संरक्षा के लिए चलने वाले क्रियाकलाप
 

प्रशिक्षण:

बच्चों की संरक्षा के राष्ट्रीय पहल के तहत कार्यरत बाल संरक्षा संभाग का एक प्रमुख उद्देश्य है बच्चों की संरक्षा के लिए कार्यरत लोगों की क्षमता का विकास और उन्हें प्रशििक्षण प्रदान करना। बाल संरक्षा तथा किशोर न्याय के विषयों पर संस्थान द्वारा आयोजित कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रम इस प्रकार हैं& किशोर न्याय के क्रियान्वयन से संबंधित राष्ट्रीय मंत्रणा

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  • किशोर न्याय के क्रियान्वयन से संबंधित राष्ट्रीय मंत्रणा

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  • संरक्षा और देखभाल की जरूरत वाले बच्चों के लिए काम करने वाली गैर-सरकारी संस्थाओं की राष्ट्रीय बैठक

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  • किशोर न्याय के विषय पर प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का राष्ट्रीय कार्यक्रम

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  • पुलिस अधिकारियों के लिए ऑरिएंटेशन तथा प्रशिक्षण का कार्यक्रम

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  • बेघर बच्चों को शिक्षित करने वाले लोगों की सलाह दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

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  • किशोर न्याय कानून-2000 के बारे में सरकारी अधिकारियों का क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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  • किशोर न्याय कानून-2000 के बारे में सरकारी अधिकारियों का क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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  • किशोर न्याय कानून-2000 के बारे में सरकारी अधिकारियों का राज्य-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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  • किशोर न्याय कानून-2000 के बारे में किशोर न्याय बोर्ड तथा बाल-कल्याण समिति के सदस्यों के लिए क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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  • किशोर न्याय कानून-2000 के बारे में किशोर न्याय बोर्ड तथा बाल-कल्याण समिति के सदस्यों के लिए राज्य-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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  • किशोर न्याय कानून-2000 के बारे में गैर-सरकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं के लिए क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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  • किशोर न्याय कानून-2000 के बारे में गैर-सरकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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  • एच.आइ.वी.एड्स से संक्रमित बच्चों के लिए आवश्यक विशे्ष सेवाओं के बारे में प्रशिक्षण

    बाल संरक्षा संभाग द्वारा आयोजित कुछ कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण

    किशोर न्याय कानून 2000 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए  सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के बाल-कल्याण तथा समाज कल्याण विभाग के सचिवों की दो दिवसीय राष्ट्रीय मंत्रणा सभा। इसका उद्देश्य था सचिवों को इस कानून की विशेषताओं से अभिमुख करना, इसके क्रियान्वयन की समीक्षा तथा इसे प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए कार्ययोजना का निमाण।

    देखभाल और सुरक्षा के जरूरतमंद बच्चों के साथ काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों के साथ उन्हें इस क्षेत्र में कार्य करने तथा अपनी चिंताओं को अभिव्यक्त करने के लिए उचित मंच प्रदान करने तथा मंत्रालय एवं समाज रक्षा संस्थान के प्रतिनिधियों के साथ इस क्षेत्र में उभड़ने वाले नये मुद्दों के बारे में विचार विर्मशा के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय सभा। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से बच्चों से संबंधित विभिन्न मुद्दो पर काम करने के लिए सहायता प्राप्त करने वाली गैर-सरकारी संस्थाओं और बच्चों के लिए काम करने वाली ऐसी संस्थाएं जिन्हें मंत्रालय से सहायता नहीं मिलती है उन्हे एक साथ लाना भी इस मीटिंग का एक उद्देश्य था।

    पूरे देश में गुरू-प्रशिक्षकों की एक नेतृत्वकारी जमात खड़ी करने के लिए किशोर-न्याय के विषय पर प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का 5-दिवसीय राष्ट्रीय  कार्यक्रम। यह कार्यक्रम प्रतिभागियों में बच्चों के समग्र  विकासलिए सहायता करनेवाले दृष्टिकोण को विकसित करने, किशोर न्याय कानून के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए आव6यक प्रशिक्षण प्रदान करने और सहभागिता के साथ प्रशिक्षण की ओर अभिमुख करने, किशोर न्याय कानून-2000 के बारे में स्पष्ट समझदारी बनाने तथा टीम के सदस्य के रूप में काम करने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

    पुलिस अधिकारियों के अभिमुखीकरण तथा संवेदीकरण के लिए प्रशिक्षण के तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधिकारियों को कानूनी परिस्थितियों में फंसे बच्चों के साथ संवेदनशिल ढंग से बर्ताव करने तथा किशोर न्याय व्यवस्था के अंदर उनकी भूमिका और दायित्व के बारे में स्पष्ट समझदारी पैदा करने के लिए किया गया था।

    एच.आइ.वी.एड्स से प्रभावित एवं संक्रमित बच्चों की विशेष देखभाल के लिए आयोजित 3-दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य था- प्रतिभागियों को उनके क्षेत्र में एचअाइवीएड्स की स्थिति की समझदारी बनाना,एच.आइ.वी.एड्स के बारे मे मौलिक जानकारी देना, एच.आइ.वी.एड्स से पीड़ित बच्चों के अधिकारों को समझना, ऐसे बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने की क्षमता पैदा करना, उनके प्रति परिवार और समुदाय के दृष्टिकोण् को रेखांकित करना, रेफरल सेवाओं तथा संपर्कतंत्र एवं संयोजन के महत्व को समझना।

    मादक दवाओं के दुरूपयोग से प्रभावित बच्चों की विशेष देखभाल के लिए आयोजित 5-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम का उद्देश्य था ऐसे बच्चों के साथ काम करने वाले सेवादाताओं को सक्षम बनाना, इस समस्या और मुद्दे के बारे में आवश्यक सूचनाएं प्रदान करना तथा सामुदायिक नेताओं तथा स्कूल के अधिकारियों को ऐसे बच्चों से संबंधित विषयों के लिए सहायक परिवेश बनाने के लिए सक्षम बनाना।

    सरकार द्वारा किशोर न्याय कानून 2000 के तहत बनाये गए संस्थानों में काम करने वाले सरकारी अधिकारियों के लिए आयोजित क्षेत्रीय स्तर के इस 3-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को किशोर न्याय कानून 2000 के बारे में संवेदनशील बनाना तथा उन्हें इस ओर अभिमुख करना, विभिन्न अधिकारियों तथा संगठनों को इस कानून को लागू करने मे उनकी भूमिका तथा कर्तव्य के बारे में स्पष्ट जानकारी देना, पेशाकेंद्रित प्रशिक्षण के विचार के बारे में समझदारी बढ़ाना तथा ऐसे अवयवों में संपर्कतंत्र के महत्व को समझाना तथा इस कानून के तहत आने वाले बच्चों के साथ उचित बर्ताव की दक्षता पैदा करना है।

    किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों, पुलिस तथा न्यायपालिका के लिए 3-दिन के क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य है प्रतिभागियों को किशोर न्याय कानून 2000 के प्रावधानों से अवगत कराना तथा उनका संवेदीकरण्।

    गैर-सरकारी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के लिए 3-दिन के क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य है गैर-सरकारी क्षेत्र द्वारा चलाए जा रहे आवास तथा संस्थाओं में काम करने वाले लोगों को किशोर न्याय कानून 2000 के प्रावधानों से अवगत कराना तथा उनका संवेदीकरण्।

    शोध

    राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान का बाल संरक्षा संभाग बाल संरक्षा से संबंधित विषयों पर शोध करने तथा आंकड़े इकट्ठे करने का कार्य करता है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा यूनीसेफ, इंडिया कंट्री ऑफिस, नयी दिल्ली के लिए अपने बाल संरक्षा संभाग के द्वारा राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान '' देखभाल और संरक्षा के जरूरतमंद बच्चों (जिनमें एच.आइ.वी.एड्स तथा मादक द्रव्यों के दुरूपयोग से प्रभावित बच्चे भी शामिल हैं) के लिए उपलब्ध सहायता और आवश्यक सेवाओं के आकलन'' का कार्य संपादित कर रहा है।

    यह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, यूनीसेफ तथा राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान के द्वारा साथ मिलकर चलाया जा रहा है। प्रभावित बच्चों की बर्तमान स्थिति के बारे में आलेखों की समीक्षा की गई और उपलब्ध द्वितीयक श्रोतों के आधार पर एक अंतरिम रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है जिसमे आंध्रप्रदेश, असम, केरल, महाराष्ट्र, मनीपुर, मिजोरम, नगालैंड तथा तमिलनाडु जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में सेवाओं की आव6यकता और उपलब्धता को रेखांकित किया गया है।

    इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।

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  • विशेष संरक्षा और देखभाल के जरूरत मंद बच्चों के लिए आव6यक सेवाओं का आकलन। यह आकलन खासकर एच.आई.वी.एड्स से संक्रमित और प्रभावित, मादक द्रव्यों के दुरूपयोग तथा खरीद-बिक्री तथा यौन शोषण के शिकार बच्चों को केंद्र में रख कर किया गया।

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  • ऐसे बच्चों के लिए उपलब्ध सेवाओं तथा कार्यक्रमों का आकलन

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  • देखभाल और संरक्षा के जरूरतमंद बच्चों के कार्यक्रमों को लागू करने में पायी जाने वाली सेवा संबंधी कमियों की पहचान

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  • बच्चों के ऐसे नाजुक समूह के लिए बाल-केंद्रित एवं विशिष्ट कार्यक्रमों को प्रारंभ करने के लिए आवश्यक रणनीति सुझाना।

     यह लगातार चलने वाली गतिविधि है और इसके अंतर्गत सेवाओ को उपलब्ध करवाने तथा इसमें पायी जाने वाली कमियों पर विचार करने के लिए दो क्षेत्रीय मंत्रणाओं का आयोजन किया जा चुका है। इस कार्यक्रम की अनुशांसाओं तथा सुझावों पर विचार किया जा रहा है तथा अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसे मुद्रित किया जाएगा और व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा।


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